मंजीरा (संज्ञा)
संगीत में ताल देने के काम आनेवाली दो कटोरियाँ जिनके टकराने से शब्द होता है।
शिव-पार्वती (संज्ञा)
+शंकर और पार्वती।
अभागा (विशेषण)
जो भाग्यशाली न हो।
बगुला (संज्ञा)
लम्बी गर्दन और लम्बे पैरों वाला एक पक्षी।
आलता (संज्ञा)
वह लाल रंग जिससे सौभाग्यवती स्त्रियाँ पैर रँगती हैं।
लाव-लश्कर (संज्ञा)
लश्कर और उसका असबाब या सामान।
काफिला (संज्ञा)
यात्रियों का दल।
उल्टी (संज्ञा)
पेट में की वस्तुओं का स्वतः मुँह से बाहर आने की क्रिया।
ऋतु (संज्ञा)
प्राकृतिक अवस्थाओं के अनुसार वर्ष के दो-दो महीने के छह विभाग जो ये हैं - वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर।
नरकुल (संज्ञा)
बेंत की तरह का एक प्रसिद्ध पौधा जिसकी डंठलों से कलमें, चटाइयाँ आदि बनती हैं।